Monday, 27 January 2020
Wednesday, 22 January 2020
A2 milk: know how beneficial is the milk of desi cow A2 मिल्क: जानिए कितना फायदेमंद है देसी गाय का दूध
Please 🙏 Subscribe our Youtube channel
Who's Milk is best for us
A2 milk: know how beneficial is the milk of desi cow A2 मिल्क: जानिए कितना फायदेमंद है देसी गाय का दूध
For organic
A1 और A2 दूध क्या है?
दूध का प्रोटीन कंपोनेंट 80% केसिन से बना होता है. A1 और A2, गाय के दूध में पाए जाने वाले बीटा केसिन प्रोटीन के प्रकार हैं.
UK से आयात की गई जर्सी गाय के दूध में A1 और A2 दोनों तरह के बीटा केसिन प्रोटीन पाए जाते हैं. वहीं यूरोप से आयातित होल्स्टीन गाय के दूध में A1 प्रोटीन होता है. व्यावसायिक तौर पर उत्पादित ज्यादातर दूध और दुग्ध उत्पादों में A1 बीटा केसिन ही होता है.
लेकिन देसी गाय इसलिए खास हैं क्योंकि इनके दूध में A2 बीटा केसिन प्रोटीन पाया जाता है.
दिलचस्प बात ये है कि A2 ही गाय के दूध में पाया जाने वाला मूल बीटा केसिन प्रोटीन है. माना जाता है कि लगभग 8000 साल पहले, एक म्यूटेशन (बदलाव) हुआ, जिसके तहत गायों की विभिन्न प्रजातियों द्वारा उत्पादित दूध में दो प्रकार के बीटा केसिन पाया जाने लगा.
A2 बीटा केसिन प्रोटीन युक्त दूध ही इस नस्ल को, विशेष तौर पर गिर गायों को खास बनाता है.
हम कह सकते हैं कि आजकल A2 ऑर्गेनिक दूध की क्रांति आ रही है. ऑर्गेनिक स्टोर्स, विशेष वेबसाइटों और बड़े स्तर पर लगने वाले मेलों में पैक किए हुए A2 घी, मक्खन, दूध और छाछ की मांग तेजी से बढ़ रही है.
ऐसे फॉर्म की तादाद बढ़ी है, जहां देसी गायों को पाला जाता है. ये स्थानीय फॉर्म छोटे होते हैं और महंगे भी होते हैं. (सोचिए 500 ग्राम घी की कीमत 1800 रुपये से ज्यादा होती है).
70 के दशक में देश में दूध की कमी से निपटने के लिए जर्सी और होल्स्टीन नस्ल की गायों का आयात किया गया. इन गायों की देसी गाय संग क्रॉसब्रीडिंग (संकरण) कराई गई ताकि इस तरह से जन्मी नई नस्ल की गाय में दूध देने की क्षमता ज्यादा हो.
ज्यादातर देसी गाय प्रति लैक्टेशन चक्र में 1,600-2,500 किलोग्राम दूध देती हैं. होल्स्टीन फ्राइज़ियन और जर्सी प्योरब्रेड, और क्रॉसब्रेड से प्रति चक्र 4000 से 5000 किलोग्राम दूध मिलता है. इस तरह दूध उत्पादन बढ़ने से ऑपरेशन फ्लड सफल हुआ. लेकिन इस वजह से देसी गाय की अहमियत कम होने लगी.
एक वैज्ञानिक ने साबित की A2 दूध की अहमियत
साल 1993 में, न्यूजीलैंड के वैज्ञानिक ने एक दिलचस्प खोज की. उन्होंने पाया कि दूध, विशेष रूप से A1 दूध टाइप 1 डायबिटीज, दिल की बीमारी और कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के बढ़ते मामलों से जुड़ा हुआ था. उन्होंने एक और दिलचस्प खोज की जिसके मुताबिक A2 दूध को पचाना आसान होता है और ये हेल्दी भी होता है.
इस अध्ययन से हमारी पारंपरिक भारतीय मान्यताओं को समर्थन मिला कि देसी गाय का दूध, जिसमें लगभग 100 प्रतिशत A2 बीटा केसिन होता है, वो ज्यादा पौष्टिक है.
कई अध्ययनों का दावा है कि देसी गाय ज्यादा स्वस्थ और मजबूत होती हैं. भारतीय जलवायु और पर्यावरण के लिए हमारी देसी गाय ही अधिक उपयुक्त हैं. इनमें गर्मी सहने और बीमारियों से लड़ने की ज्यादा ताकत होती है और इन्हें बचाने की जरूरत है.
A2 दूध में एंटी-इंफ्लेमटरी यानी सूजन और जलन कम करने का गुण होता है और इसे आसानी से पचाया भी जा सकता है. अगर आपको डाइजेशन (पाचन) की समस्या है या लैक्टोज नहीं पचा पाते हैं तो A2 दूध आपके लिए बेहतर विकल्प है.
सामान्य दूध की तुलना में पेट के लिये A2 दूध हल्का होता है. कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कई लोगों को लैक्टोज इनटॉलेरेंस की समस्या बताई जाती है, जबकि वास्तव में इन लोगों को केवल A1 प्रोटीन से परेशानी होती है. लैक्टोज इनटॉलेरेंस वाले ज्यादातर लोगों को दूध में पाए जाने वाले A1 प्रोटीन से एलर्जी होती है.
गाय का दूध सेहत के लिहाज से बेहद स्वास्थ्यवर्द्धक होता है। इसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायता करता है। गाय का दूध प्रोटीन का भी बेहतरीन स्रोत होता है।
इसके अलावा इसमें विटमिन बी 2 और विटमिन बी 12 भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। ये दोनों विटमिन शरीर को ऊर्जान्वित रखने में मदद करते हैं। शरीर में मसल्स और ऊतकों के निर्माण में भी यह बेहद लाभदायक होता है।यह कैंसर, एचआईवी, दिल संबंधी बीमारियां, हाई ब्लडप्रेशर और माइग्रेन जैसी समस्याओं से बचाव करने में भी सक्षम है। शरीर को संपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करने वाले इस दूध के और भी बहुत सारे फायदे होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि वे फायदे क्या हैं।
इसके अलावा इसमें विटमिन बी 2 और विटमिन बी 12 भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। ये दोनों विटमिन शरीर को ऊर्जान्वित रखने में मदद करते हैं। शरीर में मसल्स और ऊतकों के निर्माण में भी यह बेहद लाभदायक होता है।यह कैंसर, एचआईवी, दिल संबंधी बीमारियां, हाई ब्लडप्रेशर और माइग्रेन जैसी समस्याओं से बचाव करने में भी सक्षम है। शरीर को संपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करने वाले इस दूध के और भी बहुत सारे फायदे होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि वे फायदे क्या हैं।
बढ़ाए रोग प्रतिरोधक क्षमता
गाय के दूध में कैल्शियम, प्रोटीन, एंटी-ऑक्सीडेंट्स के साथ-साथ विटमिन ई, सेलेनियम, जिंक आदि भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व हमारे शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
त्वचा रोग में लाभकारी
गाय का दूध त्वचा के रोमछिद्रों को सिकोड़कर छोटा कर देता है। इससे ब्लैकहेड्स की समस्या से निजात मिलती है। रूखी और बेजान त्वचा के लिए भी गाय का दूध काफी लाभदायक होता है।
वजन कम करने में उपयोगी
गाय का दूध पीने से आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे आपको बार-बार भूख नहीं लगती है। इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन भी होता है जो वर्कआउट के लिए आपको पर्याप्त ऊर्जा मुहैया कराता है।
दिमाग-आंखों के लिए फायदेमंद
बच्चों के दिमाग का विकास करने के लिए उन्हें नियमित रूप से गाय का दूध पिलाना चाहिए। इसके अलावा इस दूध में पाया जाने वाला कैरोटिन आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद करता है।
गाय का दूध स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। गाय का दूध पाचन के लिए बेहतरीन होता है और इसे पचाने में तंत्र को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। यह पाचन तंत्र की समस्याओं में काफी लाभदायक है।
त्वचा रोग में लाभकारी
गाय का दूध त्वचा के रोमछिद्रों को सिकोड़कर छोटा कर देता है। इससे ब्लैकहेड्स की समस्या से निजात मिलती है। रूखी और बेजान त्वचा के लिए भी गाय का दूध काफी लाभदायक होता है।
वजन कम करने में उपयोगी
गाय का दूध पीने से आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे आपको बार-बार भूख नहीं लगती है। इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन भी होता है जो वर्कआउट के लिए आपको पर्याप्त ऊर्जा मुहैया कराता है।
दिमाग-आंखों के लिए फायदेमंद
बच्चों के दिमाग का विकास करने के लिए उन्हें नियमित रूप से गाय का दूध पिलाना चाहिए। इसके अलावा इस दूध में पाया जाने वाला कैरोटिन आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद करता है।
गाय का दूध स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। गाय का दूध पाचन के लिए बेहतरीन होता है और इसे पचाने में तंत्र को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। यह पाचन तंत्र की समस्याओं में काफी लाभदायक है।
INDIAN COW (KAMDHENU) भारतीय गाय (कामधेनु)
Please 🙏 subscribe to our Youtube channel Link
भारतीय गाय (कामधेनु)
https://www.youtube.com/watch?v=TZXM3hnlvx0
A2 MILK IS FOUND ONLY IN INDIAN DESI COW
भारतीय गाय (कामधेनु)
![]() |
| SAMUDRAMANTHAN समुद्र मंथन Best 🥛 milk A2 MILK IS FOUND ONLY IN INDIAN DESI COWक्यों खास है A2 मिल्क What is A2 Milk
दूध में कैल्शियम और प्रोटीन का भंडार होता है और प्रोटीन कई प्रकार के होते हैं उन्हीं में से एक प्रोटीन है केसीन। जिसकी दूध में मात्रा तकरीबन 80 फीसदी होती है। लेकिन रिसर्च में ये सामने आया है कि देसी गाय जो A2 दूध देती हैं उसमें केसीन प्रोटीन के साथ-साथ एक बेहद ही खास अमीनो एसिड भी निकलता है जिसे हम प्रोलीन (prolin) कहते हैं। माना गया है कि ये प्रोलीन नामक अमीनो एसिड हमारी सेहत के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है। और चूंकि ये केवल A2 मिल्क में ही उपलब्ध है लिहाज़ा A2 दूध A1 मिल्क से ज्यादा अच्छा माना जाता है। सामने आया है कि A2 दूध में मौजूद प्रोलीन हमारी बॉडी में BCM 7 को पहुंचने से रोकता है। चलिए अब आपको बताते हैं कि BCM 7 है क्या ?
Why A2 Milk is special What is A2 MilkMilk is a store of calcium and protein and there are many types of proteins, one of them is casein. Whose amount of milk is about 80 percent. But it has been revealed in research that in the A2 milk given by domestic cows, in addition to casein protein, a very special amino acid is also produced which we call prolin. It is believed that this amino acid called proline is very important for our health.And since it is only available in A2 milk, A2 milk is considered better than A1 milk. It has been revealed that the proline present in A2 milk prevents BCM 7 from reaching our body. Now let us tell you what is BCM 7? क्या है BCM 7 What is BCM 7 ?
BCM 7 यानि Beta- Casomorphin-7….ये एक ओपीओइड पेप्टाइड (opioid peptide) है। जो ऐसा प्रोटीन है जो हमारी बॉडी में पचता नहीं है। लिहाज़ा ये शरीर में अपच होने का कारण बनता है। यानि इसके शरीर में पहुंचने से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन A2 में मौजूद प्रोलीन इस BCM 7 को हमारे शरीर में पहुंचने से रोकता है। जबकि A1 गाय प्रोलीन नहीं बनाती जिससे BCM 7 हमारे शरीर में पहुंच जाता है।यहीं कारण है कि A1 दूध का पचना मुश्किल हो जाता है।
What is BCM 7 What is BCM 7?BCM 7 ie Beta-Casomorphin-7… .is an opioid peptide. Which is a protein that is not digested in our body. Therefore, it causes indigestion in the body. That is, it has to face many problems by reaching into its body. But the proline present in A2 prevents this BCM 7 from reaching our body. While A1 cow does not make proline so that BCM 7 reaches our body, this is why A1 makes milk difficult to digest. BCM 7 के नुकसान
-BCM 7 युक्त दूध से बच्चों में मधुमेह की समस्या बढ़ने की पूरी संभावना है।
-जांच में पाया गया है कि इस प्रकार के दूध से दिल संबंधी बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ जाता है।
हालांकि ये कहना गलत ही होगा कि ये दूध पीने योग्य नहीं है क्योंकि कई बार इस तरह की रिसर्च भी हुई हैं जिनमें ये सामने आया है कि इस दूध को पीने से शरीर में किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। ऐसे में दूध नुकसानदायक है या नहीं ये कहना जल्दबाज़ी होगी।
BCM 7 DisadvantagesMilk containing BCM 7 is very likely to increase the problem of diabetes in children. Investigation has found that this type of milk also increases the risk of heart related diseases. However, it would be wrong to say that this milk is not drinkable, because many times such research has also been done in which it has been revealed that drinking this milk will not cause any harm in the body. In such a situation, it is too early to say whether milk is harmful or not. |
https://www.youtube.com/watch?v=TZXM3hnlvx0
Difference between A1 and A2 milk A1 और A2 दूध में अंतर

Difference between A1 and A2 milk
A1 और A2 दूध में अंतर
For organic
Have you ever heard of A1 and A2 milk? What kind of milk is this, do different cow produces A1 and A2 milk, what is the specialty of this milk, what are the benefits, side effects, what is the difference between A1 and A2 milk, etc. Let us find out through this article.
Milk is a wholesome diet that most people of every class drink. It is a rich source of calcium and protein. Several elements are also found in the milk like lactose, fat, other vitamins and minerals. Do you know that milk contains two types of proteins: whey protein and casein protein.There are two types of casein protein: alpha-casein and beta-casein. The largest group of proteins found in milk is of casein only, which is 80% of total protein.
क्या आपने कभी A1 और A2 दूध के बारे में सुना है? यह किस प्रकार का दूध है, अलग-अलग गाय ए 1 और ए 2 दूध का उत्पादन करती है, इस दूध की खासियत क्या है, इसके क्या फायदे हैं, दुष्प्रभाव, ए 1 और ए 2 दूध में क्या अंतर है, आदि आइए इसके माध्यम से पता करते हैं। दूध एक पौष्टिक आहार है जो हर वर्ग के लोग पीते हैं। यह कैल्शियम और प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है। दूध में कई तत्व भी पाए जाते हैं जैसे लैक्टोज, वसा, अन्य विटामिन और खनिज। क्या आप जानते हैं कि दूध में दो प्रकार के प्रोटीन होते हैं: मट्ठा प्रोटीन और कैसिइन प्रोटीन। दो प्रकार के कैसिइन प्रोटीन होते हैं: अल्फा-कैसिइन और बीटा-कैसिइन। दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन का सबसे बड़ा समूह केवल कैसिइन का है, जो कुल प्रोटीन का 80% है।
If we talk about, beta casein, it is also found in two forms: A1 and A2. You must have heard about A1 and A2 milk. What kind of milk are these, does different types of cow produces A1 and A2 milk, what is the specialty of this milk, what are the disadvantages of taking this milk, what is the difference between A1 and A2 milk, etc. Let's study through this article.
अगर हम बीटा कैसिइन के बारे में बात करते हैं, तो यह दो रूपों में भी पाया जाता है: A1 और A2। आपने A1 और A2 दूध के बारे में सुना होगा। ये किस प्रकार के दूध हैं, क्या विभिन्न प्रकार के गाय A1 और A2 दूध का उत्पादन करते हैं, इस दूध की क्या विशेषता है, इस दूध को लेने के क्या नुकसान हैं, A1 और A2 दूध में क्या अंतर है, आदि के माध्यम से अध्ययन करते हैं। यह लेख
Today's time everywhere International milk is available in the market and research is going on all over the world between A1 and A2 milk, what is the difference between these two milk etc.? If we talk about any country whether it is Russia, America, India etc. milk is considered as a very important part of the nutrition for children
आज का समय हर जगह अंतर्राष्ट्रीय दूध बाजार में उपलब्ध है और ए 1 और ए 2 दूध के बीच दुनिया भर में अनुसंधान चल रहा है, इन दोनों दूधों में क्या अंतर है? अगर हम किसी भी देश के बारे में बात करते हैं चाहे वह रूस, अमेरिका, भारत आदि हो, तो दूध को बच्चों के पोषण का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है
Let us tell you that there are two kinds of milk available in the market i.e. milk A1 and milk A2. A1 milk is given by A1 types of cows and A2 milk by A2 variety of cows. If we talk about the consumption of majority of milk then in large quantity A1 milk is consumed not in India in fact in whole part of the world. Consumption of A2 type of milk is low.
We get A2 type of milk from ancient breed cow or the breed of cow running from a long time or from native cow. To some extent, the cow found in East African places and the milk that is obtained from them is called A2 Milk. At the same time, we get A1 milk from the Foreign Breed Cow or from the mixed race cow.
आपको बता दें कि बाजार में दो तरह के दूध उपलब्ध हैं यानी दूध ए 1 और दूध ए 2। A1 दूध गायों के A1 प्रकारों और A2 दूधों द्वारा A2 गायों द्वारा दिया जाता है। अगर हम अधिकांश दूध की खपत के बारे में बात करते हैं तो बड़ी मात्रा में ए 1 दूध का सेवन किया जाता है जो वास्तव में भारत में नहीं है। ए 2 प्रकार के दूध का सेवन कम है।
हमें प्राचीन नस्ल की गाय या लंबे समय से या देशी गाय से चलने वाली नस्ल की गाय से A2 प्रकार का दूध मिलता है। कुछ हद तक, पूर्वी अफ्रीकी स्थानों में पाई जाने वाली गाय और उनसे प्राप्त होने वाले दूध को ए 2 मिल्क कहा जाता है। इसी समय, हमें विदेशी नस्ल की गाय से या मिश्रित नस्ल की गाय से A1 दूध मिलता है।
As studied above that milk contains calcium and protein. Various types of proteins are present in the milk out of which, one is casein. Therefore, we can say that, 80 percent of casein protein is found in milk. But the indigenous cow that gives A2 milk, releases casein protein as well as a certain type of amino acid, which is called prolin.
जैसा कि ऊपर अध्ययन किया गया है कि दूध में कैल्शियम और प्रोटीन होता है। दूध में विभिन्न प्रकार के प्रोटीन मौजूद होते हैं, जिनमें से एक कैसिइन होता है। इसलिए, हम कह सकते हैं कि, दूध में 80 प्रतिशत कैसिइन प्रोटीन पाया जाता है। लेकिन देसी गाय जो A2 दूध देती है, कैसिइन प्रोटीन और साथ ही एक निश्चित प्रकार के एमिनो एसिड को छोड़ती है, जिसे प्रोलिन कहा जाता है।
What is Pasteurised or homogenised milk?
पाश्चराइज्ड या होमोजिनाइज्ड दूध क्या है?
Do you know that the protein in milk is converted into peptides? Later it takes the form of amino acids.
Amino acids are very important for our health, but the amino acids that are found in A2 cows play a crucial role.
A1 cows are most commonly found in India and outside countries also. They are also known as hybrid cows. Let us tell you that A1 cows contain a different type of amino acid known as histidine.
क्या आप जानते हैं कि दूध में प्रोटीन पेप्टाइड्स में परिवर्तित हो जाता है? बाद में यह अमीनो एसिड का रूप ले लेता है।अमीनो एसिड हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ए 2 गायों में पाए जाने वाले अमीनो एसिड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।A1 गायें भारत और बाहरी देशों में भी सबसे अधिक पाई जाती हैं। उन्हें संकर गायों के रूप में भी जाना जाता है। आपको बता दें कि ए1 गायों में एक अलग प्रकार का एमिनो एसिड होता है जिसे हिस्टिडाइन के नाम से जाना जाता है।
In all of these, Amino acid plays an important role. But how? Let us study.
The prolin found in A2 milk prevents BCM 7 to reach our body. But do you know what is BCM 7 (Beta-Casomorphin-7)?
BCM 7 is an opioid peptide. It is a small protein that does not digest in our body. This can lead to indigestion and many researches have shown that it may lead to various other problems or diseases like diabetes etc. So, we can say that proline amino acid in A2 milk prevents BCM 7 from going into our body. But A1 cows do not make proline, so, BCM 7 goes into our body and later it dissolves in the blood.
It can also be understood that BCM 7 protein is not found in A2 milk cows urine, blood or intestines, but this protein is found in the A1 milk cows, due to this it is difficult to digest.
It can also be understood that BCM 7 protein is not found in A2 milk cows urine, blood or intestines, but this protein is found in the A1 milk cows, due to this it is difficult to digest.
इन सभी में, अमीनो एसिड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर कैसे? हमें अध्ययन करने दो।
A2 दूध में पाया जाने वाला प्रोलिन BCM 7 को हमारे शरीर तक पहुंचने से रोकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि BCM 7 (बीटा-कैसोमोर्फिन -7) क्या है?
बीसीएम 7 एक ओपियोड पेप्टाइड है। यह एक छोटा प्रोटीन है जो हमारे शरीर में पचता नहीं है। इससे अपच हो सकता है और कई शोधों से पता चला है कि इससे कई अन्य समस्याएं या मधुमेह जैसे रोग आदि हो सकते हैं, इसलिए हम कह सकते हैं कि ए 2 दूध में प्रोलिन एमिनो एसिड बीसीएम 7 को हमारे शरीर में जाने से रोकता है। लेकिन A1 गायों में प्रोलाइन नहीं होता है, इसलिए, BCM 7 हमारे शरीर में चला जाता है और बाद में यह रक्त में घुल जाता है।यह भी समझा जा सकता है कि बीसीएम 7 प्रोटीन ए 2 दूध गायों के मूत्र, रक्त या आंतों में नहीं पाया जाता है, लेकिन यह प्रोटीन ए 1 दूध गायों में पाया जाता है, इस कारण इसे पचाना मुश्किल है।
Now, we will study how much BCM 7 is dangerous for our body and what the research says on it. Some research has also revealed that it is easier to digest A2 milk. According to the report of the US National Library of Medicine National Institutes of Health, in A1 beta-casein milk high amounts of BCM 7 is found. If it is given to the children, then problem of diabetes will increase in them. This research was done in Scandinavian and the Netherland countries. Here, it is found that large amount of people are suffering from diabetes. For this, lifestyle may also be one of the reasons but somewhere A1 milk is also connected with the disease. Even, Heart disease has also been linked to some extent with this milk.
According to some Russian researchers, the BCM 7 passes into the children's blood and also retards the development of the brain. This research was published in the International Journal "Peptides".
According to another report, Indian Journal of Endocrinology and Metabolism 2012, diabetes type 1 has some connection with A1 milk and in addition heart problem, mental disorder, autism, prevention of allergic deficiencies, and schizophrenia because of BCM 7 as it goes to the blood and then to the brain. Some other research also says that, A1 milk does not harm body.
अब, हम अध्ययन करेंगे कि बीसीएम 7 हमारे शरीर के लिए कितना खतरनाक है और इस पर शोध क्या कहता है। कुछ शोधों से यह भी पता चला है कि A2 दूध को पचाना आसान है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीएम 7 के ए 1 बीटा-कैसिइन दूध में उच्च मात्रा में पाया जाता है। अगर यह बच्चों को दिया जाता है, तो उनमें मधुमेह की समस्या बढ़ जाएगी। यह शोध स्कैंडिनेवियाई और नीदरलैंड के देशों में किया गया था। यहां, यह पाया गया है कि बड़ी मात्रा में लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। इसके लिए, जीवनशैली भी एक कारण हो सकती है लेकिन कहीं न कहीं A1 दूध भी इस बीमारी से जुड़ा हुआ है। यहां तक कि, हृदय रोग भी इस दूध के साथ कुछ हद तक जुड़ा हुआ है।
कुछ रूसी शोधकर्ताओं के अनुसार, बीसीएम 7 बच्चों के रक्त में गुजरता है और मस्तिष्क के विकास को भी पीछे छोड़ता है। यह शोध इंटरनेशनल जर्नल "पेप्टाइड्स" में प्रकाशित हुआ था।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म 2012, डायबिटीज टाइप 1 का A1 दूध के साथ कुछ संबंध है और इसके अलावा हृदय की समस्या, मानसिक विकार, आत्मकेंद्रित, एलर्जी की कमी की रोकथाम, और सिज़ोफ्रेनिया क्योंकि बीसी 8 की वजह से यह रक्त में चला जाता है और फिर दिमाग को। कुछ अन्य शोध यह भी कहते हैं कि, A1 दूध शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता है।
Now let's study about Operation Flood and why it was launched?
In the year 1970, the National Dairy Development Board had introduced Operation Flood in India, in order to deal with the lack of milk due to the increase in population in India. The main objective of this project was to increase the production of milk, promote rural production and provide reasonable value to the consumers. Cross-breeding method was used with the import of foreign hybrid species and European species for this purpose. Due to which shortage of domestic cow’s occurred in India.
So now you may have understood about the difference between A1 and A2 milk, what type of protein is found in the milk and which milk is produced in large quantities in the whole world etc.
अब ऑपरेशन फ्लड के बारे में अध्ययन करते हैं और इसे क्यों लॉन्च किया गया?
भारत में जनसंख्या में वृद्धि के कारण दूध की कमी से निपटने के लिए वर्ष 1970 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने भारत में ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत की थी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दूध का उत्पादन बढ़ाना, ग्रामीण उत्पादन को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य प्रदान करना था। इस उद्देश्य के लिए विदेशी संकर प्रजातियों और यूरोपीय प्रजातियों के आयात के साथ क्रॉस-ब्रीडिंग विधि का उपयोग किया गया था। जिसके कारण भारत में घरेलू गाय की कमी हुई।
तो अब आप समझ गए होंगे कि A1 और A2 दूध में क्या अंतर होता है, दूध में किस प्रकार का प्रोटीन पाया जाता है और पूरी दुनिया में कौन सा दूध बड़ी मात्रा में बनता है आदि।
Subscribe to:
Posts (Atom)




